महामहिम राज्यपाल

  नाम: श्री आचार्य देवव्रत
  जन्म: 18 जनवरी 1959
  जन्म स्थान: गुरुकुल कुरुक्षेत्र, नजदीक कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी गेट, कैथल रोड, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) - 136119
  आधिकारिक पता: राजभवन , शिमला - 171002
  फ़ोन (EPABX): 0177 - 2624152 to 54
  फैक्स: 0177 - 2624814

  भौतिक योग्यताये बोर्ड/विश्वविद्यालय वर्ष
  विधावाचास्पति दयानंद ब्राह्म महाविद्यालय, हिसार 1978
  विद्याभास्कर (बी० ए०) गुरुकुल महाविद्यालय ज्वालापुर हरीद्वार 1982
  स्नाकोत्तर(हिंदी) पंजाब विश्वविद्यालय ,चंडीगढ़ 1984
  बि०एड० महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक 1991
  स्नाकोत्तर(हिंदी) गुरुकुल महाविद्यालय ज्वालापुर हरीद्वार 1996
  डिप्लोमा इन योग-विज्ञानं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र 2000
  डॉक्टर ऑफ़ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस आल इंडिया कौंसिल फॉर नेचुरोपैथी, नई दिल्ली 2002

अनुभव: 12.08.2015 से हिमाचल प्रदेश राज्यपाल के पद पर आसीन

विशेष रुचियाँ:

  • राष्ट्रीयवादी चिन्तन यवम भारतीय संस्कृति को जन मानस तक पहुंचना|
  • वैदिक मूल्यों पर व्याख्यान|
  • समाचार-पत्रों एव पत्रिकओं के लिए लेख लिखना |
  • युवाओ को सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना |
  • योगिक एवं वैदिक गतिविधियों का आयोजन|
  • भारत के मननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंदर मोदी जी के बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान से प्रभावित होकर अप्रैल 2015 से चमन वाटिका का अंतर्राष्ट्रीय कन्या गुरुकुल की अम्बाला में सथापना की |
  • आयुर्वेद,प्रकृतिक चकित्सा एवं योग का प्रचार-प्रसार करना|
  • वृक्षा रोपण एवं यज्ञ चकित्सा द्वारा प्रदुषण मुक्त समाज रचना |
  • पुस्तक लेखन

भारतीय संस्कृति एवं वेद प्रचार हेतु निम्न देंशेां में यात्राएं:

  • स्विट्जरलैण्ड, नीदरलैण्ड, हालैण्ड, फ्रांस इंग्लेंड, इटली, वैटिकन सिटी, नेपाल व भूटान आदि।|

सम्मान एवं पुरस्कार:

  • इण्डिया इन्टरनेशनल फे्रंडशिप सोसायटी, नई दिल्ली द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 22 अगस्त 2003 को महामहिम राज्यपाल भीष्म नारायण सिंह जी तमिलनाडू द्वारा ‘भारत ज्योति अवार्ड‘ ‘सर्टिफिकेट आॅफ एक्सीलैन्स‘ अवार्ड एवं ‘श्रीमती सरला चोपड़ा‘ अवार्ड से सम्मानित।
  • समाज में महत्वपूर्ण योगदान के लिए अमेरिकन बायोग्राफिकल इंस्टीच्यूट द्वारा 21 अगस्त 2002 को अमेरिकन मेडल आॅफ आनर से सम्मानित।1;वारा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के प्रोत्साहन हेतु शिविर लगाने के लिए 12 अगस्त 2001 को ‘ प्रशस्ति पत्र‘ द्वारा सम्मानित।
  • सांइस ओलम्प्यिाड फांउडेशन द्वारा विज्ञान एवं गणित विषयों को लोकप्रिय बनाने के सत्त प्रयास के लिए ‘प्रशस्ति पत्र‘ द्वारा सम्मानित।
  • डी0ए0वी0 कालेज मैनेजिग कमेटी, नई दिल्ली द्वारा वैदिक मूल्यों के विकास के लिए 30 अप्रैल 2012 को ‘प्रशस्ति पत्र‘ द्वारा सम्मानित।
  • आर्य समाज रादौर (यमुनानगर) द्वारा वैदिक मूल्यों के विकास के लिए ‘प्रशस्ति पत्र‘ द्वारा सम्मानित।
  • आर्य केन्द्रीय सभा करनाल द्वारा समाज सुधारक के रूप में प्रशंसनीय योगदान के लिए ‘विशिष्ट सम्मान 20 फरवरी 2010‘ से सम्मानित।
  • मूडी इन्टरनेशनल सर्टिफिकेशन प्ैव् 9001रू2008 द्वारा क्वालिटी मैनेजमेन्ट हेतु ‘प्रशस्ति पत्र‘ से सम्मानित।
  • रेडकाॅ्रस सेासायटी कुरूक्षेत्र द्वारा रक्त दान शिविर आयोजित करने हेतु ‘प्रशस्ति पत्र‘ से सम्मानित।
  • डा0 भुक्कल द्वारा कुरूक्षेत्र के बाढ़ पीडि़तों का सामयिक सहायता पहुॅंचाने के लिए ‘प्रशस्ति पत्र‘ द्वारा सम्मानित।
  • डा0 भुक्कल द्वारा कुरूक्षेत्र के बाढ़ पीडि़तों का सामयिक सहायता पहुॅंचाने के लिए ‘प्रशस्ति पत्र‘ द्वारा सम्मानित।

सदस्ताएं:

  • संस्थापक: चमनवाटिका अन्र्तराष्ट्रीय कन्या गुरूकुल, अम्बाला।
  • हरियाणा सरकार द्वारा चैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सदस्य नियुक्त।
  • निदेशक, स्वामी श्रद्धानंद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र कुरूक्षेत्र।
  • अधिकारी, आर्य विद्या परिषद् हरियाणा।
  • पूर्व मानद सदस्य, हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद् चण्डीगढ़।
  • सदस्य, हरियाणा गोशाला संघ, रोहतक।
  • पूर्व सदस्य, हरियाणा गो सेवा आयोग चण्डीगढ़।
  • पूर्व प्रधान, भारतीय किसान संघ, हरियाणा।
  • सदस्य, महर्षि दयानन्द म्ण्ज्ण्ज्ण् रिसर्च सेन्टर धड़ौली, जींद।
  • सदस्य, जवाहर नवोदय विद्यालय सलाहकार समिति निवारसी, कुरूक्षेत्र।
  • संरक्षक सदस्य, अखिल भारतीय गुरूकुल खेलकूद प्रतियोगिता ।
  • सचिव, श्री गोपाल कृष्ण गोशाला, गुरूकुल कुरूक्षेत्र।
  • साहित्यक कार्य (लेखन एवं सम्पादन)ः
  • प्रधान सम्पादक, मासिक पत्रिका ‘गुरूकुल दर्शन‘
  • स्वास्थ्य का अनमोल मार्ग: प्राकृतिक चिकित्सा (अंग्रेजी एवं हिन्दी संस्करण)
  • स्वर्ग की सीढियां (पंचमहायज्ञ)
  • वाल्मीकि का राम-संवाद (अनुवादक)
  • गुरूकुल कुरूक्षेत्र का गौरवशाली इतिहास
  • संरक्षक ‘गुरूकुल की वार्षिक स्मारिका‘

लक्ष्य एवं उद्देश्य: वैदिक संस्कृति एवं पंरपरा के प्राचीन गौरव को प्रतिष्ठित एवं सम्वर्धित करना एवं मानव मात्र में वैज्ञानिक समझ
         को विकसित करना।

 

1981 से अप्रैल 2015 तक गुरूकुल कुरूक्षेत्र के सेवाकाल क दौरान सम्पादित कार्य विद्यालय भवन का निर्माण: 54 कमरों के तीन- मंजिला भवन का नव निमार्ण (वाइस प्रिंसीपल ऑफिस , लिपिक कक्ष, परीक्षा भवन, शिक्षक कक्ष, मल्टी आर्ट कल्चर कक्ष एवं विभिन्न विषयों से सम्बन्धित कक्ष) उद्घाटन कर्ता श्री सत्यदेव जी भारद्वाज वेदालंकार ‘नैरोबी‘ (दिनांक 06 अप्रैल 1986) एवं स्वामी ओमानन्द जी द्वारा शिलान्यास (दिनांक 12 जुलाई 1989)।

प्रयोगशालाओं की स्थापनाः नवीन वातानुकूलित भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान एवं भाषा विज्ञान प्रयोगशालाओं का निर्माण।

कम्पयूटर लैब का निर्माणः 60 कम्पयूटर समाहित करने वाले वातानुकूलित कम्पयूटर लैब का निर्माण।

सी0सी0टी0वी0 कैमरों का प्रावधानः विद्यार्थियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों सी0सी0टी0वी0 कैमरों की स्थापना पर ।

विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धिः 1981 में नियुक्ति पर 250 विद्यार्थी, जबकि 2015 तक 1350 विद्यार्थी अध्ययनरत।

स्मार्ट- क्लासिज का आरम्भ: प्रोजेक्टर, स्क्रीन व कम्पयूटर युक्त स्मार्ट क्लासिज के लिए कमरों का निमार्ण।

कम्पयूटरीकृत लिपिक कार्यालयः पांच कम्पयूटर, स्कैनिंग मशीन, फोटोस्टेट मशीन युक्त कम्पयूटरीकृत लिपिक कार्यालय का निर्माण।

खेल-कूद व्यवस्था: आधुनिक सुविधाओं वाले 33000 (स्क्वायर फीट ) जिम्नेजियम हाल का निर्माण (श्री जगन्ननाथ पहाडि़या, राज्यपाल हरियाणा द्वारा 22 अक्टूबर 2011 को उद्घाटन) आउटडोर एवं इन्डोर खेल के लिए पृथक व्यवस्था, विभिन्न खेल जैसे वालीवाल, फुटबाल, बास्केटबाल, हैण्डबाल, खेा-खेा कबड्डी, मलखम्भ बैडमिन्टन, टैबल टेनिस, स्केटिग, हार्स राइडिंग, शूटिंग, मार्शल आर्ट आदि के लिए पृथक- पृथक ग्राउण्ड का निर्माण।

भाषा प्रयोगशाला: प्रेाजेक्टर, एल0सी0डी, पी0सी0, चालीस हैडफोन्स, आधुनिक साॅफटवेयर युक्त भाषा प्रयोगशाला का निर्माण।

वाई- फाई इन्टरनेट कनेक्टीविटीः वाई-फाई के माध्यम से 24 घण्टे इन्टरनेट कनेक्टीविटी का प्रावधान।

छात्रावासः बिस्तर, स्टडी- टेबल चेयर व आलमारी से सुसज्जित पांच, तिमंजिला छात्रावास का निर्माण (गुरूविरजानन्द छात्रावास- उद्घाटनकर्ता श्री विरेन्द्र सिंह कुण्डू उपायुक्त कुरूक्षेत्र दिनांक 22 दिसम्बर 1996, स्वामी श्रद्धानन्द छात्रावास- उद्घाटनकर्ता चैधरी भूपेन्द्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री हरियाणा दिनांक 2 नवम्बर 2007, महर्षि दयानन्द सरस्वती छात्रावास - उद्घाटनकत्र्री सुश्री कुमारी सैलजा, आवास,शहरी गरीबी उन्मूलन एवं पर्यटन मंत्री दिनांक 31 अक्टूबर 2010) गर्म पानी, 24 घण्टे सुरक्षा की व्यवस्था।

महर्षि दयानन्द जड़ी बूटी उद्यान: हर्बल मेडिसन तैयार करने हेतु हर्बल गार्डन की स्थापना (उद्घाटनकर्ता- न्यायधीश श्री प्रीतमपाल जी, पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायलय, दिनांक 06 नवम्बर 2004)

भोजनालय की स्थापनाः आधुनिक उच्च तकनीक वाले भोजनालय का निर्माण (उद्घाटनकर्ता श्री राकेश जी जैन व श्रीमती अंजू व श्रीमती अंजू जी जैन दिनांक 18 अक्टूबर 2008) एक साथ 6000 चपाती बनाने वाली मशीन, आलू छीलने की मशीन, आटा गूंथने की मशीन, बायो गैस प्लांट एल0पी0जी, मिल्क चिलर मशीन, सशक्त मिक्सर गा्रइण्डर आदि की व्यवस्था।

प्राकृतिक चिकित्सालय की व्यवस्था: आधुनिक उपकरणेंा से सुसज्जित लगभग 5000 स्कवेयर फीट वाले योग एवं प्राकृतिक चिकित्सालय का निर्माण, योग एवं ध्यान कक्ष की स्थापना , फिजियोथैरेपी के उपकरण, रोगियों के लिए विशिष्ट 40 कमरों का निर्माण, (ज्योति आरोग्य धाम- उद्घाटनकर्ता श्री आई0डी0 स्वामी गृह राज्यमत्री, भारत सरकार, दिनांक 22 अगस्त 2002, प्राकृतिक चिकित्सालय विभाग - उद्घाटनकर्ता श्री प्रमोद कुमार विज निर्वाचित मंडलाध्यक्ष पानीपत दिनांक 18 अक्टूबर 2003, महिला प्राकृतिक चिकित्सा विभाग - उद्घाटनकर्ता श्री ओमप्रकाश गोयल पानीपत दिनांक 24 अगस्त 2010, स्वामी श्रद्धानन्द प्राकृतिक चिकित्सालय - उद्घाटनकर्ता श्री सेठ जयप्रकाश जी चेयरमैन सूर्या फाउण्डेशन झिन्झौली, सोनीपत दिनांक 03 नवम्बर 2001)

प्रशासनिक भवनः प्रिसींपल ऑफिस , स्वागत कक्ष, लेखा कक्ष, मीटिग हाल, प्रबन्ध समिति कक्ष, बहुउद्देशीय कक्ष से युक्त लिफट वाले दो मंजिला प्रशासनिक भवन का निर्माण ( उद्घाटनकर्ता -न्यायधीश श्री तीर्थ सिंह जी ठाकुर, उच्चतक न्यायलय दिल्ली, दिनांक 27 अप्रैल 2013) NTSC, NDA and JEE main and advance आदि के लिए विशिष्ट कक्ष का निर्माण।

गोशाला का निर्माणः उच्च तकनीक वाली वातानुकूलित गउशाला का निर्माण (उद्घाटनकर्ता डा0बी0एन माथुर निदेशक एन.डी0आर0आई0 करनाल दिनांक 23 दिसम्बर 1999), रिकार्ड प्रतिदिन 42 लीटर दूध देने वाली गायों की व्यवस्था, दूध निकालने की उच्च तकनीक वाली मशीन, गो मूत्र के लिए फिल्टर मशीन, वाटर मिक्सिंग प्लांट, गोबर गैस प्लांट आदि की व्यवस्था।

अश्वशालाः दस विशुद्ध नस्ल वाले अरेबिक घेाड़े-घोडि़यों की सुव्यवस्था।

आवासीय कॉलोनी शिक्षक एवं गैर शिक्षक स्टाफ के लिए 47 फलैटस वाली कालोनी का निर्माण (उद्घाटनकर्ता श्री सुरेन्द्र सिंह बरवाला, शिक्षा मंत्री, हरियाणा, दिनांक 21 दिसम्बर 1990)

आर्ष महाविद्यालयः 14 कमरों वाले दो बड़े हॉल , कम्पयूटरीकृत पुस्तकालय एवं वाचनालय से सुसज्जित, वैदिक विद्वान तैयार करने वाले विशाल आर्ष महाविद्यालय का निर्माण ( उद्घाटनकर्ता स्वामी सत्यपति जी परिवा्रजक, साबरकांठा, गुजरात एवं आचार्य बलदेव जी अध्यक्ष आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा, दिनांक 13 फरवरी 2005)

वेद प्रचार हेतु विशेष वेद प्रचार दस्ते का आरम्भः विद्यार्थियों व युवा पीढ़ी का चारित्रिक व आध्यात्मिक निर्माण कर उन्हें सन्मार्ग पर लाने के उद्देश्य से गुरूकुल कुरूक्षेत्र द्वारा गांव-गांव भजन मण्डलियां एवं 8 आर्यवीरदल के शिक्षकों को भेजकर वेदों के अमर सन्देश का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि समाज की दिशा व दशा को बदला जा सके। इससे विद्यार्थियों, युवाओं व गा्रमीणेंा में न केवल अच्छे संस्कारों का बीजारोपण हो रहा है, बल्कि समाज में फैली कुरीतियों को भी दूर किया जा रहा है। गुरूकुल के इस सकारात्मक व सार्थक प्रयास से कन्या भ्रूण हत्या व नशाखोरी पर अंकुश लगा है।

शूटिंग रेंज की स्थापनाः स्कीट मशीन, पिस्टल, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की राइफल्स से युक्त शूटिग रेंज की स्थापना (उद्घाटनकर्ता श्री नवीन जिंदल सांसद लोकसभा)

म्यूजिकल बाथ शावरः गर्मी की तपस से बच्चों को बचाने के लिए म्यूजिकल बाथ शावर की स्थापना।
वहन व्यवस्था: लग्जरी बस, एम्बुलेन्स, इनोवा मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर, ट्राली,जीप, टैम्पों आदि वाहनो की व्यवस्था।
एन0सी0सी0 विंग एवं एन0एस0एस ईकाई की स्थापना।
350 किस्मों वाले दुलर्भ पौधों की नर्सरी की स्थापना।
हर्बल फार्मेसी की स्थापना।
गोमूत्र एवं पंचगव्य से औषधि निर्माण।
गोबर गैस प्लांट की स्थापना।
गोबर गैस द्वारा बिजली उत्पादन।
केन्चुआ खाद निर्माण कार्यक्रम का प्रारम्भ।
वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन।

Last Reviewed/Updated: 26-August-2015
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